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दाऊद सिंडिकेट पर बड़ी चोट: तुर्किये में दबोचा गया ड्रग माफिया सलीम डोला; भारत लाने के लिए एजेंसियों ने तैयार किया ‘मिशन प्रत्यर्पण’

नई दिल्ली: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के सबसे करीबी गुर्गों में शुमार और 5,000 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स कार्टेल के मास्टरमाइंड सलीम डोला की गिरफ्तारी ने डी-कंपनी की कमर तोड़ दी है। डोला को तुर्किये में वहां के राष्ट्रीय खुफिया संगठन और पुलिस इकाइयों द्वारा चलाए गए एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया गया है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अब डोला को भारत लाने के लिए एक बेहद ठोस और रणनीतिक योजना (सॉलिड प्लान) पर काम कर रही हैं, ताकि दाऊद के सिंडिकेट से जुड़े गहरे राज उगलाए जा सकें।

डी-कंपनी के लिए बड़ा झटका: 5000 करोड़ का ड्रग्स साम्राज्य

सलीम डोला को दाऊद इब्राहिम सिंडिकेट का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है।

  • ड्रग्स का सरगना: डोला लगभग 5,000 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार का संचालन कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी से दाऊद के आर्थिक तंत्र को भारी नुकसान पहुँचा है।
  • रणनीतिक गिरफ्तारी: तुर्किये की खुफिया एजेंसियों की यह कार्रवाई भारतीय इनपुट्स और वैश्विक निगरानी के आधार पर की गई है, जो दाऊद के नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

भारत लाने का मास्टर प्लान: यूएई की मदद लेगी एजेंसियां

सलीम डोला को भारत लाना एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती है, क्योंकि भारत और तुर्किये के बीच वर्तमान में कोई आधिकारिक प्रत्यर्पण संधि (Extradition Treaty) मौजूद नहीं है।

  • त्रिपक्षीय समन्वय: प्रत्यर्पण संधि न होने के कारण, भारतीय एजेंसियां संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ समन्वय करने की योजना बना रही हैं।
  • डिपोर्टेशन की रणनीति: चूंकि डोला के कई व्यापारिक और आपराधिक तार यूएई से जुड़े हैं, इसलिए भारत उसे यूएई के जरिए ‘डिपोर्ट’ कराने या अन्य कानूनी रास्तों से स्वदेश लाने का प्रयास करेगा। इसके लिए विदेश मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां तुर्किये के अधिकारियों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं।

पूछताछ से खुलेंगे दाऊद के कई दफन राज

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सलीम डोला की कस्टडी भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

  1. आतंकी फंडिंग का खुलासा: डोला से पूछताछ में यह साफ हो सकेगा कि ड्रग्स के कारोबार से होने वाली कमाई का कितना हिस्सा आतंकी गतिविधियों और भारत विरोधी साजिशों में इस्तेमाल किया जा रहा है।
  2. दाऊद की लोकेशन और नेटवर्क: डोला के पास दाऊद इब्राहिम के छिपने के ठिकानों और उसके अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों की सटीक जानकारी होने की संभावना है।

एजेंसियों की पैनी नजर

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और खुफिया ब्यूरो (IB) इस पूरे मामले को शीर्ष प्राथमिकता पर ले रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, भारतीय अधिकारियों की एक विशेष टीम जल्द ही तुर्किये के लिए रवाना हो सकती है या वहां के अधिकारियों से वर्चुअल माध्यम से प्रारंभिक डेटा साझा कर सकती है।

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