नई दिल्ली/तेल अवीव:
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के हमलों से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सुरक्षा के लिए इज़राइल ने अपनी उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणाली आयरन डोम (Iron Dome) और सैनिकों को तैनात किया था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के साथ संघर्ष के शुरुआती चरण में इज़राइल ने UAE में आयरन डोम बैटरी भेजी, जिसे संचालित करने के लिए कई दर्जन सैनिक भी तैनात किए गए। यह पहली बार माना जा रहा है कि आयरन डोम प्रणाली को इज़राइल और अमेरिका के बाहर किसी अन्य देश में सक्रिय रूप से लगाया गया।
हमलों को रोकने में मिली सफलता
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान द्वारा दागे गए मिसाइलों और ड्रोन हमलों में से अधिकांश को इस रक्षा प्रणाली ने इंटरसेप्ट कर लिया, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान टल गया।
रणनीतिक सहयोग का संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम इज़राइल और UAE के बीच बढ़ते सैन्य एवं रणनीतिक सहयोग को दर्शाता है। अब्राहम समझौते के बाद दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं और सुरक्षा सहयोग नए स्तर तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह तैनाती दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच समन्वय के बाद की गई थी। इसे खाड़ी क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
विश्लेषकों का कहना है कि यदि यह जानकारी पूरी तरह सही साबित होती है, तो यह मध्य-पूर्व की सुरक्षा संरचना में बड़ा बदलाव हो सकता है। इससे ईरान-विरोधी क्षेत्रीय सहयोग मजबूत होने के संकेत मिलते हैं और भविष्य में संयुक्त रक्षा व्यवस्थाओं का रास्ता खुल सकता है।
हालांकि, इस तैनाती को लेकर संबंधित देशों की ओर से आधिकारिक विस्तृत पुष्टि अभी सीमित है, लेकिन रिपोर्ट ने क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।





