खारकीव/कीव: यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर भयावह रूप ले लिया है। शनिवार, 7 मार्च 2026 को यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव पर रूस ने भीषण मिसाइल हमला किया। इस हमले में एक घनी आबादी वाली रिहायशी इमारत पूरी तरह तबाह हो गई, जिसमें अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मरने वालों में दो बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं, जबकि दर्जनों लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं।
हमले का मंजर: नींद में थे लोग, तभी गिरी मिसाइल
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह हमला सुबह तड़के किया गया जब अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे:
- इमारत जमींदोज: रूसी मिसाइल सीधे नौ मंजिला रिहायशी ब्लॉक से टकराई, जिससे इमारत का एक हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
- बचाव कार्य जारी: खारकीव के मेयर इगोर तेरेखोव ने बताया कि बचाव दल और अग्निशमन कर्मी कड़ाके की ठंड और मलबे के बीच जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं। घायलों की संख्या 30 से अधिक बताई जा रही है, जिन्हें पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
- फॉरेंसिक जांच: प्रारंभिक जांच के अनुसार, रूस ने इस हमले में लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल किया है, जिसका निशाना सैन्य ठिकाने के बजाय नागरिक क्षेत्र था।
राष्ट्रपति जेलेंस्की की सख्त चेतावनी: ‘रूस को चुकानी होगी कीमत’
इस दर्दनाक हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया और वैश्विक मंचों के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कड़ा हस्तक्षेप करने की अपील की:
- हवाई सुरक्षा की मांग: जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका और यूरोपीय संघ से ‘पैट्रियट’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम और आधुनिक फाइटर जेट्स की आपूर्ति तेज करने की मांग की। उन्होंने कहा, “जब तक हमारी हवाई सुरक्षा मजबूत नहीं होती, रूस ऐसे ही हमारे मासूम नागरिकों का खून बहाता रहेगा।”
- सख्त कार्रवाई की अपील: राष्ट्रपति ने रूस पर और भी कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने और रूसी नेतृत्व को ‘युद्ध अपराधी’ घोषित कर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में सजा दिलाने की मांग उठाई।
- संकल्प: जेलेंस्की ने भावुक संबोधन में कहा कि “खारकीव की हर ईंट और हर जान की कीमत रूस को चुकानी होगी। हम झुकेंगे नहीं, हम लड़ेंगे।”
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और युद्ध की स्थिति
खारकीव पर हुए इस हमले की वैश्विक स्तर पर निंदा शुरू हो गई है:
- यूरोपीय संघ का रुख: यूरोपीय संघ (EU) ने इसे ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ करार दिया है और यूक्रेन को अतिरिक्त मानवीय सहायता भेजने की घोषणा की है।
- रूस का दावा: दूसरी ओर, रूसी रक्षा मंत्रालय ने हमेशा की तरह इस दावे को खारिज किया है कि उन्होंने नागरिकों को निशाना बनाया है। मॉस्को का कहना है कि उन्होंने केवल खारकीव में स्थित ‘सैन्य साजो-सामान के डिपो’ पर हमला किया था।




