देहरादून/ऋषिकेश: उत्तराखंड की प्रतिभाओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी चमक बिखेरी है। ऋषिकेश की रहने वाली अनुप्रिया राय ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 258वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। अनुप्रिया की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने लगातार तीसरी बार इस कठिन परीक्षा को पास कर ‘कामयाबी की हैट्रिक’ बनाई है, जो उनकी अटूट मेहनत और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।
संघर्ष से सफलता तक: हैट्रिक का सफर
अनुप्रिया की सफलता का सफर निरंतरता और सुधार की एक मिसाल है। उन्होंने हार न मानते हुए हर बार अपने प्रदर्शन को बेहतर किया:
- पहली सफलता: अनुप्रिया ने अपने पहले के प्रयासों में भी UPSC क्रैक किया था, जिससे उनका चयन अलाईड सेवाओं के लिए हुआ था।
- निरंतर सुधार: वर्तमान में वे भारतीय रक्षा संपदा सेवा (IDES) में प्रशिक्षण ले रही हैं, लेकिन उनका लक्ष्य हमेशा से बेहतर रैंक हासिल करना था।
- इतिहास रचा: इस वर्ष 258वीं रैंक प्राप्त कर उन्होंने साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सफलता को दोहराया जा सकता है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और शिक्षा
अनुप्रिया की इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार का अटूट सहयोग रहा है:
- शैक्षणिक आधार: अनुप्रिया बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा ऋषिकेश में हुई, जिसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए कड़ा परिश्रम किया।
- पिता का गौरव: उनके पिता और परिवार के अन्य सदस्य इस उपलब्धि से गदगद हैं। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
- प्रेरणा स्रोत: अनुप्रिया ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन और शिक्षकों के सहयोग को दिया है।
उत्तराखंड के युवाओं के लिए मिसाल
अनुप्रिया की हैट्रिक ने राज्य के उन हजारों अभ्यर्थियों में नया जोश भर दिया है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं:
- धैर्य की जीत: उन्होंने युवाओं को संदेश दिया है कि UPSC जैसी परीक्षा में धैर्य (Patience) और निरंतरता (Consistency) सबसे बड़े हथियार हैं।
- सोशल मीडिया पर बधाई: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अनुप्रिया को बधाई देते हुए इसे ‘देवभूमि के लिए गौरव का क्षण’ बताया है।





