नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच चल रहा विवाद अब ‘शीश महल 2.0’ के रूप में एक नए स्तर पर पहुँच गया है। भाजपा नेता और कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोलते हुए उनके नए आवास की तुलना ‘शीश महल’ से की है। वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी का असली अर्थ अब ‘आलीशान आदमी पार्टी’ हो गया है, जो जनता के पैसे से विलासिता का जीवन जी रही है।
प्रवेश वर्मा के गंभीर आरोप: ‘रहमान डकैत’ से की तुलना
भाजपा नेता प्रवेश वर्मा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा।
- पंजाब में भी शीश महल: वर्मा ने आरोप लगाया कि दिल्ली को लूटने के बाद अब पंजाब में भी दूसरा ‘शीश महल’ तैयार कर लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल ने सत्ता का दुरुपयोग कर अपने लिए सुख-सुविधाओं के महल खड़े किए हैं।
- विवादित तुलना: हमले को और तेज करते हुए प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल की तुलना ‘रहमान डकैत’ से कर डाली। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है और उनके नेता करोड़ों के बंगलों में रह रहे हैं।
आम आदमी पार्टी का जवाब: ‘मीडिया के लिए खोल दें अपना घर’
भाजपा के इन आरोपों पर आम आदमी पार्टी ने भी तत्काल और कड़ा पलटवार किया है। ‘आप’ नेताओं ने भाजपा के आरोपों को आधारहीन और ध्यान भटकाने वाली राजनीति करार दिया।
- आतिशी की चुनौती: दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता आतिशी ने कहा कि भाजपा जिस घर की बात कर रही है, उसकी कोई वास्तविक तस्वीर उनके पास नहीं है। उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। वे समय आने पर सबको अपना घर दिखा देंगे।”
- भाजपा नेताओं पर तंज: ‘आप’ ने पलटवार करते हुए भाजपा नेता रेखा गुप्ता को निशाने पर लिया और कहा कि यदि भाजपा पारदर्शिता की बात करती है, तो रेखा गुप्ता को भी अपना घर मीडिया के कैमरों के लिए खोल देना चाहिए।
सियासी गलियारों में चर्चा का विषय
दिल्ली में विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच ‘शीश महल’ का मुद्दा दोनों ही दलों के लिए एक बड़ा हथियार बन गया है।
- भाजपा की रणनीति: भाजपा इस मुद्दे के जरिए केजरीवाल की ‘साधारण आदमी’ वाली छवि को खंडित करने की कोशिश कर रही है।
- आप की ढाल: आम आदमी पार्टी इसे भाजपा की ‘बदले की राजनीति’ बताकर जनता की सहानुभूति बटोरने का प्रयास कर रही है।
जनता के बीच बढ़ता विवाद
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब पहली बार मुख्यमंत्री आवास के सौंदर्यीकरण पर हुए करोड़ों रुपये के खर्च की जानकारी सार्वजनिक हुई थी। अब प्रवेश वर्मा द्वारा ‘शीश महल 2.0’ का जिक्र किए जाने से यह साफ है कि आगामी दिनों में दिल्ली की राजनीति में बंगलों और आलीशान जीवनशैली को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने वाला है।





