नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। एक विशेष साक्षात्कार के दौरान अपने फैसले की घोषणा करते हुए मालीवाल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की कार्यप्रणाली पर तीखे हमले किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और उनके सशक्त नेतृत्व से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हुई हैं।
केजरीवाल सरकार पर बोला हमला: ‘आप’ से मोहभंग
साक्षात्कार के दौरान स्वाति मालीवाल ने आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों लिया।
- गंभीर आरोप: मालीवाल ने कहा कि जिस भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से ‘आप’ का जन्म हुआ था, पार्टी अब उन आदर्शों से पूरी तरह भटक चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर अब रचनात्मकता और सिद्धांतों की जगह नहीं बची है।
- इस्तीफे का कारण: उन्होंने बताया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके मतभेद काफी गहरे हो चुके थे, जिसके चलते उन्होंने अपने पद और पार्टी को छोड़ने का निर्णय लिया।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर जताया अटूट विश्वास
भाजपा में शामिल होने के अपने निर्णय को सही ठहराते हुए मालीवाल ने प्रधानमंत्री की जमकर प्रशंसा की।
- विकास की राजनीति: मालीवाल ने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा करते हुए भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है। देश आज जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, उसमें हर उस व्यक्ति को साथ आना चाहिए जो भारत का विकास चाहता है।”
- सशक्तिकरण का विजन: उन्होंने महिला सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा किए गए कार्यों को अपनी प्रेरणा बताया।
अन्य लोगों से भाजपा में शामिल होने की अपील
स्वाति मालीवाल ने न केवल पार्टी बदली, बल्कि राजनीति में सक्रिय अन्य लोगों को भी संदेश दिया।
- रचनात्मक राजनीति का आह्वान: उन्होंने उन सभी लोगों से भाजपा में शामिल होने की अपील की जो ‘रचनात्मक राजनीति’ करने के इच्छुक हैं और देश के निर्माण में योगदान देना चाहते हैं।
- कार्यकर्ताओं को संदेश: उन्होंने कहा कि भाजपा एक ऐसा मंच है जहाँ योग्यता और राष्ट्रभक्ति को सम्मान मिलता है।
‘आप’ के लिए बड़ा राजनीतिक झटका
स्वाति मालीवाल का जाना आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वे लंबे समय तक पार्टी का प्रमुख महिला चेहरा रही हैं। विशेष रूप से दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यों ने पार्टी की छवि को काफी मजबूती दी थी।





