हरिद्वार/देहरादून: उत्तराखंड की पावन नगरी हरिद्वार जल्द ही देश के नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन के एक आदर्श मॉडल के रूप में चमकने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने आगामी दौरे के दौरान हरिद्वार पहुँचकर नए कानूनों (भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम) की जमीनी हकीकत और उनकी सरलता का मुआयना करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए यह दौरा एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि उत्तराखंड उन अग्रणी राज्यों में शामिल है जिन्होंने केंद्र द्वारा लागू किए गए इन क्रांतिकारी कानूनों को न केवल अपनाया, बल्कि तकनीक के माध्यम से जनता के लिए सुलभ भी बनाया है।
हरिद्वार मॉडल: तकनीक और न्याय का संगम
गृह मंत्री के दौरे के दौरान हरिद्वार पुलिस और प्रशासन नए कानूनों के तहत किए गए सुधारों का प्रदर्शन करेंगे:
- डिजिटल साक्ष्य: नए कानूनों के तहत अब घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी अनिवार्य है। हरिद्वार में पुलिस द्वारा इस्तेमाल की जा रही आधुनिक ‘ई-साक्ष्य’ प्रणाली का प्रदर्शन किया जाएगा।
- त्वरित न्याय की दिशा: गृह मंत्री यह देखेंगे कि कैसे नए कानूनों ने एफआईआर दर्ज करने से लेकर चार्जशीट दाखिल करने तक की प्रक्रिया को समयबद्ध (Time-bound) और पारदर्शी बनाया है।
- स्मार्ट पुलिसिंग: धामी सरकार ने पुलिस थानों को आधुनिक तकनीक से लैस किया है, जिससे आम जनता को अब पुराने जटिल कानूनों के जाल से मुक्ति मिल रही है।
धामी सरकार की सफलता: केंद्र के विजन को जमीन पर उतारा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरे की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसे राज्य के लिए गौरव का क्षण बताया है:
- प्रशिक्षण में अव्वल: उत्तराखंड पुलिस के हजारों कर्मियों और न्यायिक अधिकारियों को नए कानूनों की बारीकियों का प्रशिक्षण रिकॉर्ड समय में दिया गया है।
- सरलीकरण का मंत्र: ‘सरलीकरण, समाधान और निस्तारण’ के मंत्र पर चलते हुए धामी सरकार ने सुनिश्चित किया है कि नए कानूनों का लाभ दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुँचे।
- महिला एवं बाल सुरक्षा: नए कानूनों में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर सख्त प्रावधानों को लागू करने में उत्तराखंड ने तत्परता दिखाई है।
अमित शाह का दौरा: क्या रहेगा खास?
गृह मंत्री अमित शाह का यह मुआयना केवल औपचारिक नहीं, बल्कि एक ‘परफॉर्मेंस ऑडिट’ जैसा होगा:
- थाना निरीक्षण: संभावना है कि गृह मंत्री किसी मॉडल थाने का दौरा कर सीधे पुलिसकर्मियों से संवाद करेंगे और केस डायरी के डिजिटलीकरण का अवलोकन करेंगे।
- अधिकारियों के साथ बैठक: वे राज्य के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर नए कानूनों के प्रभाव और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।
- जनता से फीडबैक: सरकार यह दिखाने की कोशिश करेगी कि नए कानूनों के आने के बाद आम आदमी के लिए पुलिस की कार्यप्रणाली कितनी सरल और मित्रवत हुई है।




