पेशावर/इस्लामाबाद: पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में आतंकवादियों ने एक बार फिर सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है। अफगानिस्तान सीमा से सटे इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों ने पुलिस के एक गश्ती दल पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें पांच पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर यहीं नहीं रुके, उन्होंने पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद उनके सरकारी वाहन को भी आग के हवाले कर दिया। इस कायराना हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव व्याप्त है और सुरक्षा बलों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ‘सर्च ऑपरेशन’ शुरू कर दिया है।
हमले का घटनाक्रम: घात लगाकर की गई गोलीबारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब पुलिस की एक टीम नियमित गश्त पर थी:
- अंधाधुंध फायरिंग: आतंकवादियों ने पहाड़ियों और झाड़ियों के पीछे छिपकर पुलिस वाहन पर तीन तरफ से हमला किया। आधुनिक हथियारों से लैस हमलावरों ने पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं दिया।
- वाहन में लगाई आग: हमले को अंजाम देने के बाद आतंकियों ने नफरत का प्रदर्शन करते हुए पुलिस की गाड़ी को आग लगा दी, जिससे शव और वाहन बुरी तरह झुलस गए।
- हथियार लूटने की आशंका: स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर शहीद पुलिसकर्मियों के सरकारी हथियार भी अपने साथ लूट कर ले गए हैं।
सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अफगानिस्तान सीमा के पास बढ़ती आतंकी गतिविधियों ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है:
- इलाके की घेराबंदी: हमले के तुरंत बाद पाकिस्तानी सेना और फ्रंटियर कोर (FC) की अतिरिक्त टुकड़ियों को मौके पर भेजा गया है। इलाके के सभी निकास द्वारों को सील कर दिया गया है।
- टीटीपी पर शक: हालांकि अभी तक किसी संगठन ने आधिकारिक तौर पर जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का शक ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (TTP) पर है, जो अक्सर इस क्षेत्र में पुलिस और सेना को निशाना बनाता रहता है।
- सीमा पार से घुसपैठ: पाकिस्तान अक्सर आरोप लगाता रहा है कि हमलावर अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर सीमा पार करते हैं और हमलों को अंजाम देकर वापस भाग जाते हैं।
खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ता ग्राफ
पिछले कुछ महीनों में खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में पुलिस पर हमलों की घटनाओं में भारी वृद्धि देखी गई है:
- सॉफ्ट टारगेट: आतंकी अब सेना के साथ-साथ पुलिस को आसान लक्ष्य (Soft Target) बना रहे हैं ताकि स्थानीय प्रशासन का मनोबल तोड़ा जा सके।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा: इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस मुख्यालय ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात जवानों के लिए नए ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर’ (SOP) जारी किए हैं।




