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राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा: अग्निवीर भर्ती को लेकर भाजपा को घेरने की कांग्रेस की रणनीति तेज

देहरादून | कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। पार्टी ने इस दौरे को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़े राजनीतिक अभियान के रूप में तैयार किया है। कांग्रेस का फोकस खासतौर पर केंद्र सरकार की अग्निवीर भर्ती योजना को लेकर भाजपा को घेरने पर है।

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी अपने दौरे के दौरान कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र में जनसभाओं के साथ-साथ पौड़ी गढ़वाल में पूर्व सैनिक सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस ने इसके जरिए राज्य के सैन्य परिवारों और पूर्व सैनिकों के बीच पैठ बनाने की रणनीति बनाई है।

उत्तराखंड को “सैनिक बाहुल्य राज्य” माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में परिवार सेना से जुड़े हुए हैं। यही वजह है कि कांग्रेस इस वर्ग को साधकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। पार्टी का दावा है कि अग्निवीर योजना युवाओं के भविष्य और सेना की स्थायी भर्ती व्यवस्था पर असर डाल रही है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदेश के युवाओं में रोजगार और सेना भर्ती को लेकर असंतोष बढ़ रहा है, जिसे पार्टी चुनावी मुद्दे के रूप में उठाएगी। पौड़ी गढ़वाल में होने वाले कार्यक्रम को इसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कांग्रेस इस दौरे के जरिए एक साथ कई वर्गों—पूर्व सैनिक, युवा और ग्रामीण मतदाताओं—को साधने की कोशिश कर रही है। वहीं भाजपा ने अभी तक इस दौरे पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन वह अपनी विकास योजनाओं और रक्षा नीति के आधार पर जवाब देने की तैयारी में है।

राहुल गांधी का यह दौरा उत्तराखंड की सियासत में आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक तापमान बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

अग्निवीर भर्ती योजना को मुद्दा बनाकर कांग्रेस की रणनीति भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

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