देहरादून | उत्तराखंड में सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा एक नए आतंकी नेटवर्क को खड़ा करने की साजिश की आशंका जताई है। खुफिया इनपुट्स के आधार पर सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है और राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए भारत के युवाओं को निशाना बनाकर उन्हें उकसाने और भर्ती करने की कोशिश कर रहे हैं। इनका उद्देश्य सीमावर्ती और पहाड़ी राज्यों में सक्रिय नेटवर्क तैयार करना बताया जा रहा है।
खुफिया एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क स्थानीय स्तर पर संपर्क स्थापित कर महत्वपूर्ण स्थलों की रेकी (निगरानी) और संवेदनशील जानकारी जुटाने की कोशिश कर सकता है। इसके लिए अलग-अलग मॉड्यूल बनाए जाने की आशंका भी जताई गई है।
सुरक्षा एजेंसियों ने राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के साथ समन्वय बढ़ाते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश जारी किए हैं। खासकर धार्मिक स्थल, पर्यटन क्षेत्र और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है और किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की भर्ती या कट्टरपंथी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
उत्तराखंड में संभावित आतंकी नेटवर्क की आशंका के बीच सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हुई हैं।





