नई दिल्ली: भारतीय सरकार ने पश्चिम एशिया में हालिया संकट के मद्देनजर विदेशी नागरिकों के वीजा रजिस्ट्रेशन नियमों में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत अब भारत आने वाले विदेशी नागरिकों के लिए ई-वीजा और अन्य प्रवेश प्रक्रियाओं को और कड़ा किया गया है।
सरकार ने कहा है कि ये बदलाव देश की सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए गए हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार, अब सभी विदेशी नागरिकों को भारत में प्रवेश से पहले अपनी यात्रा और ठहरने की पूरी जानकारी ऑनलाइन पंजीकृत कराना अनिवार्य होगा।
नए नियमों के प्रमुख बिंदु:
- विदेशी नागरिक अब भारत आने से पहले अपने पासपोर्ट, यात्रा विवरण और ठहरने की जानकारी ऑनलाइन जमा करेंगे।
- ई-वीजा के लिए आवेदन करने वाले लोगों के पृष्ठभूमि की सख्त जांच की जाएगी।
- यदि किसी विदेशी नागरिक के दस्तावेज़ में कोई त्रुटि या संदेह पाया जाता है, तो उसके वीजा को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
- नियम का पालन न करने वाले विदेशियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गृह मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कदम केवल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है और इससे व्यापार, पर्यटन या शिक्षा संबंधी यात्राओं पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के कदम भारत को बढ़ते वैश्विक संकटों से सुरक्षा देने में मदद करेंगे। पश्चिम एशियाई देशों में जारी तनाव और अस्थिरता को देखते हुए यह बदलाव समयानुकूल माना जा रहा है।
सरकार ने विदेशी नागरिकों से अपील की है कि वे नए नियमों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और पालन करें, ताकि यात्रा में किसी प्रकार की बाधा न आए।
भारतीय विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि वीजा नियमों में यह बदलाव भारत की सुरक्षा नीतियों का हिस्सा है और इसे व्यापक सुरक्षा तंत्र के तहत लागू किया जा रहा है।
यह नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और सभी विदेशी नागरिकों के लिए अनिवार्य होगा। सरकार ने आश्वासन दिया है कि यह कदम भारत आने वाले यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ देश की संप्रभुता और स्थिरता सुनिश्चित करेगा।





