नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक ने लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का स्वर्ण भंडार बेच दिया है। आरबीआई ने स्पष्ट किया कि देश के स्वर्ण भंडार में कोई कमी नहीं आई है और उसका भौतिक सोना पहले की तरह सुरक्षित बना हुआ है।
केंद्रीय बैंक की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में सोना बेचने संबंधी जो दावे किए गए हैं, वे सही नहीं हैं। आरबीआई के अनुसार, उसके पास मौजूद सोने का भौतिक स्टॉक 880.52 टन पर स्थिर है और इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं हुआ है।
हाल के दिनों में कुछ रिपोर्टों में यह अनुमान लगाया गया था कि विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये पर दबाव को देखते हुए आरबीआई ने अपने स्वर्ण भंडार का एक हिस्सा बेचा हो सकता है। हालांकि केंद्रीय बैंक ने इन अटकलों को पूरी तरह निराधार बताया है।
आरबीआई ने कहा कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार और स्वर्ण भंडार मजबूत स्थिति में है तथा वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय बैंक ने यह भी संकेत दिया कि भंडार से जुड़े आंकड़ों की व्याख्या करते समय केवल बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव को बिक्री या खरीद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
इस बीच, सरकार के संबंधित विभागों ने भी सोना बेचने की खबरों को भ्रामक बताया है। अधिकारियों का कहना है कि भारत का स्वर्ण भंडार सुरक्षित है और इससे जुड़े तथ्यों को लेकर किसी प्रकार की चिंता की आवश्यकता नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों और विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों के मूल्य में बदलाव के कारण भंडार के कुल मूल्य में उतार-चढ़ाव दिखाई दे सकता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वास्तविक सोने की मात्रा में कमी आई है।
आरबीआई के स्पष्टीकरण के बाद स्वर्ण भंडार को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगने की उम्मीद है।





