नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच 22वां संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास-2026’ शुरू हो गया है। इस बार पहली बार यह अभ्यास एक साथ दो अलग-अलग स्थानों—उत्तराखंड के औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड और राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज—में आयोजित किया जा रहा है। अभ्यास का उद्घाटन औली में हुआ।
अभ्यास में दोनों देशों के करीब 600-600 सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं। भारतीय सेना की ओर से मेजर जनरल अमरेश गुंजन और अमेरिकी सेना की ओर से कर्नल बेंजामिन जैकमैन ने उद्घाटन समारोह में सैनिकों को संबोधित किया। दोनों सेनाओं के बीच संयुक्त अभियानों की क्षमता और आपसी तालमेल बढ़ाना अभ्यास का प्रमुख उद्देश्य है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बार अभ्यास में तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सैनिक ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों के जरिए निगरानी तथा टोही से जुड़ी गतिविधियों का प्रशिक्षण लेंगे। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। दोनों देशों के विशेषज्ञ उभरती सैन्य तकनीकों और बहु-क्षेत्रीय युद्ध से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
औली में पर्वतीय और अर्ध-पर्वतीय इलाकों में इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स के संचालन तथा पैदल सेना आधारित अभियानों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं राजस्थान में अलग तरह के भूभाग और परिस्थितियों में सैन्य क्षमताओं का अभ्यास होगा। इस तरह दोनों स्थानों पर प्रशिक्षण से अलग-अलग भौगोलिक और परिचालन परिस्थितियों में संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता को परखा जाएगा।
अमेरिकी दल में 11वीं एयरबोर्न डिवीजन के सैनिक भी शामिल हैं। अभ्यास के दौरान दोनों सेनाएं अपनी रणनीति, तकनीक और संचालन प्रक्रियाओं को साझा करेंगी। ‘युद्ध अभ्यास’ भारत-अमेरिका के बीच वार्षिक द्विपक्षीय सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त संचालन क्षमता को मजबूत करना है।





