देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में उन्होंने यात्रा से जुड़े जिलों के जिलाधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के लिए 66,07,749 श्रद्धालुओं का पंजीकरण हो चुका है, जबकि अब तक 50,56,160 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। 14 सितंबर तक बदरीनाथ में 17,36,619, केदारनाथ में 14,98,544, गंगोत्री में 7,89,773 और यमुनोत्री में 7,08,407 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। हेमकुंड साहिब में भी 3,22,817 श्रद्धालु पहुंचे हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर मौसम और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा बल और रेस्क्यू टीम तैनात रखने को कहा गया। केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा और भैरव ग्लेशियर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल बचाव अभियान चलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
यमुनोत्री धाम में करीब 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने, डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने और खरसाली से वैकल्पिक मार्ग तैयार करने पर भी जोर दिया गया। सूर्यकुंड क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन तथा पैदल मार्ग पर यात्रियों और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए।
हेली टिकटों की कालाबाजारी पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं के टिकट निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने को कहा। निर्धारित दर से अधिक वसूली या अनधिकृत टिकट बिक्री की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही हेली सेवाओं का संचालन करने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा यात्रा मार्गों पर चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाने, आपात संचार व्यवस्था मजबूत करने, धामों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और सड़कों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने को कहा गया।





