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दीपावली से पहले रोडवेज का पहिया जाम, यात्रियों की बढ़ी मुसीबतें

तीन माह से वेतन नहीं, बोनस-डीए भी अटका; प्रदेशभर में कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार, हल्द्वानी-काठगोदाम की 18 बसें निरस्त

हल्द्वानी। दीपावली पर घर पहुंचने की तैयारी कर रहे यात्रियों के अरमानों पर रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल ने ब्रेक लगा दिया है। त्योहार में जहां बसों की संख्या बढ़नी चाहिए थी, वहीं उत्तराखंड में शुक्रवार सुबह छह बजे से रोडवेज का पहिया थमने लगा। तीन माह से वेतन नहीं मिलने और बोनस-डीए अटकने से नाराज कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है।

गुरुवार को परिवहन निगम मुख्यालय में प्रबंध निदेशक रीना जोशी की अध्यक्षता में प्रबंधन और यूनियन के बीच करीब साढ़े तीन घंटे तक वार्ता चली, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। वार्ता बेनतीजा रहने पर उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने चक्का जाम का फैसला लिया।

यूनियन महामंत्री अशोक चौधरी के मुताबिक कर्मचारियों को तीन माह का लंबित वेतन तत्काल देने, महंगाई भत्ता और दीपावली बोनस जारी करने, समान कार्य-समान वेतन लागू करने, नियमितीकरण और बस बेड़े का विस्तार करने की मांग उठाई गई है।

यूनियन का दावा है कि निगम की करीब 70 प्रतिशत बसों का संचालन उससे जुड़े कर्मचारी करते हैं। हड़ताल में लगभग 3500 चालक-परिचालकों के शामिल होने से देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर, काशीपुर, भवाली और काठगोदाम समेत आठ डिपो में बस संचालन प्रभावित हुआ है।

हल्द्वानी डिपो की आठ और काठगोदाम डिपो की दस बसें निरस्त करनी पड़ीं। अनुबंधित बसों को छोड़कर लंबी दूरी की सेवाओं पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। दीपावली के मौके पर यात्रियों को अब बसों के लिए भटकना पड़ रहा है।

यूनियन ने साफ कर दिया है कि जब तक मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, कार्य बहिष्कार वापस नहीं लिया जाएगा। ऐसे में कर्मचारियों और निगम प्रबंधन के बीच टकराव का खामियाजा त्योहार पर घर जाने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ सकता है।

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