वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दिवंगत कारोबारी जेफरी एप्सटीन के बीच कथित रूप से लिखे गए एक जन्मदिन पत्र ने अमेरिकी राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। इस कथित पत्र में न सिर्फ एक महिला की आपत्तिजनक आकृति बनी हुई है, बल्कि ट्रंप के हस्ताक्षर भी मौजूद बताए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पत्र एप्सटीन के 50वें जन्मदिन पर लिखा गया था। हालांकि व्हाइट हाउस ने इस पत्र को पूरी तरह फर्जी करार दिया है।
FBI करेगी जांच
मामले ने तब और तूल पकड़ा जब हाउस ओवरसाइट कमेटी की सुनवाई में डेमोक्रेट सांसद जेरेड मोस्कोविट्ज ने एफबीआई निदेशक काश पटेल से पत्र की जांच कराने की मांग की। उन्होंने इसे राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की जालसाजी का गंभीर मामला बताया। इस पर एफबीआई निदेशक ने कहा, “ठीक है, मैं इसकी जांच करवाऊंगा।”
बताया जा रहा है कि पत्र में यह भी उल्लेख है कि ट्रंप और एप्सटीन में कुछ समानताएं हैं। इसी को लेकर डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन नेताओं के बीच तीखी बहस छिड़ गई।
कमेटी में टकराव
हाउस ओवरसाइट कमेटी के अध्यक्ष जेम्स कॉमर ने डेमोक्रेट्स की उस मांग को खारिज कर दिया जिसमें पत्र की जांच के लिए हस्ताक्षर विशेषज्ञ को बुलाने की बात कही गई थी। कॉमर ने कहा कि जांच का असली मकसद एप्सटीन के पीड़ितों को न्याय दिलाना और सरकारी एजेंसियों की संलिप्तता का सच सामने लाना है, न कि 20 साल पुराने जन्मदिन के पत्र पर राजनीतिक बहस छेड़ना।
ट्रंप का पलटवार
ट्रंप ने इस पूरे विवाद को विपक्ष की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, “यह सब डेमोक्रेट्स का जाल है, जिसका उद्देश्य मेरी सरकार की उपलब्धियों से जनता का ध्यान भटकाना है।” ट्रंप ने आगे कहा कि वह एप्सटीन मामले में नए खुलासों की मांग को खारिज करते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने द वॉल स्ट्रीट जर्नल पर मानहानि का मुकदमा भी ठोक दिया है, जिसने सबसे पहले इस कथित पत्र की खबर प्रकाशित की थी।
व्हाइट हाउस का बयान
विवाद बढ़ने पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, “यह पत्र पूरी तरह नकली है। यह चित्र न तो ट्रंप ने बनाया है और न ही उस पर उनके हस्ताक्षर हैं।” उन्होंने साफ किया कि ट्रंप की कानूनी टीम इस मामले में आक्रामक कार्रवाई करेगी।
इस बीच, अमेरिकी कांग्रेस में एप्सटीन मामले से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग जोर पकड़ रही है। विपक्ष का कहना है कि इस मामले की आड़ में कई बड़े नाम अब भी बचाए जा रहे हैं।





