अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में हवाई की पूर्व सांसद तुलसी गबार्ड को खुफिया प्रमुख के रूप में चुना है। उसके बाद से, वाशिंगटन में चर्चाओं और विवादों का माहौल गर्म है। गबार्ड की 2017 की सीरिया यात्रा और असद शासन के साथ उनकी कथित निकटता को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन सबके बीच गब्बार्ड ने कैपिटल हिल में प्रमुख सीनेटरों से मुलाकात की और सीरिया पर ट्रंप के विचारों का समर्थन किया। कैपिटल हिल में सोमवार को अपने नामांकन को लेकर शीर्ष अमेरिकी सीनेटरों से मुलाकात के दौरान 43 वर्षीय गबार्ड ने कहा, ‘मैं सीरिया के घटनाक्रम के संबंध में पिछले कुछ दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा कही बातों का पूरा समर्थन करती हूं। उनसे पूरी तरह सहमत हूं।’सीनेटर जोनी अर्न्स्ट ने कहा कि तुलसी गबार्ड के साथ मुलाकात काफी शानदार रही। वह एक मजबूत नेता हैं। वहीं, माइक राउंड्स ने कहा कि राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के पद के लिए राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा नामित तुलसी गबार्ड के साथ बैठकर अच्छा लगा। इंटेलिजेंस पर सीनेट सेलेक्ट कमेटी के सदस्य के रूप में, मैं उनके साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं। पहली मुलाकात बहुत अच्छी रही।’
हाल के दिनों में कई अन्य सीनेटरों ने गबार्ड की प्रशंसा की है। इनमें सीनेटर रैंड पॉल, सीनेटर मार्कवेन मुलिन, सीनेटर लिंडसे ग्राहम, सीनेटर एरिक श्मिट और सीनेटर बिल हेगर्टी शामिल हैं।
इस पर गबार्ड ने आभार जताया। बता दें, अगर अमेरिकी सीनेट से गबार्ड के नाम पर मोहर लग जाती है तो वह सीआईए और एफबीआई समेत अमेरिका की सभी खुफिया एजेंसियों के प्रभारी शक्तिशाली निकाय का नेतृत्व करने वाली पहली हिंदू अमेरिकी होंगी।
तुलसी गबार्ड करीब दो दशकों तक अमेरिकी सेना की शाखा नेशनल गार्ड में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। तुलसी गबार्ड इराक और कुवैत में भी तैनात रह चुकी हैं। हालांकि उनके पास खुफिया विभाग में काम करने का कोई अनुभव नहीं है। उन्होंने होमलैंड सिक्योरिटी समिति में भी अपनी सेवाएं दी हैं। तुलसी गबार्ड हवाई से साल 2013 से लेकर 2021 तक सांसद रहीं।





