मुंबई। एंटीलिया विस्फोटक मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बॉम्बे हाई कोर्ट में पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को लेकर बड़ा दावा किया है। NIA ने अदालत को बताया कि फरवरी 2021 में उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के बाहर विस्फोटक सामग्री से भरी SUV खड़ी करने के पीछे सचिन वाजे की भूमिका थी।
NIA के अनुसार, वाजे का कथित उद्देश्य इस पूरे मामले के जरिए अपना प्रभाव बढ़ाना और खुद को एक बार फिर ‘सुपर कॉप’ के तौर पर स्थापित करना था। जांच एजेंसी का दावा है कि वह मामले को सुलझाने वाले अधिकारी के रूप में सामने आना चाहता था।
अदालत में NIA की ओर से यह भी कहा गया कि एंटीलिया के बाहर खड़ी SUV कारोबारी मनसुख हिरेन से जुड़ी थी। बाद में मनसुख हिरेन की मौत हो गई थी। जांच एजेंसी ने दोनों घटनाओं को एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया है।
हालांकि, सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट ने NIA से यह भी पूछा कि उसके पास ऐसा कौन-सा ठोस सबूत है, जिससे यह साबित हो कि SUV को वास्तव में सचिन वाजे ने ही एंटीलिया के बाहर खड़ा किया था। अदालत ने जांच एजेंसी से आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के बीच कड़ी स्पष्ट करने को कहा।
जमानत को लेकर भी कानूनी लड़ाई
इस मामले में सचिन वाजे को सितंबर 2026 में विशेष NIA अदालत से जमानत मिली थी। अदालत ने कहा था कि रिकॉर्ड के आधार पर उनके खिलाफ UAPA के तहत आतंकवाद का प्रथम दृष्टया मामला स्थापित नहीं होता। इसके बाद NIA ने जमानत के फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी है। हाई कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई जारी है।
एंटीलिया के बाहर 25 फरवरी 2021 को विस्फोटक सामग्री वाली SUV मिलने के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। इसके कुछ दिनों बाद मनसुख हिरेन ठाणे की एक खाड़ी में मृत पाए गए थे। मामले की जांच बाद में NIA को सौंपी गई थी।
फिलहाल सचिन वाजे के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अदालत में सुनवाई जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।





