नई दिल्ली। आयुष्मान भारत योजना के आठ वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को योजना की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सालाना पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य कवरेज का लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री के अनुसार, योजना के कारण चिकित्सा खर्च में रिकॉर्ड बचत हुई है और इससे गरीब तथा मध्यम वर्ग को आर्थिक राहत मिली है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को इस उद्देश्य से की गई थी कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उनके मुताबिक, लाभार्थियों की संख्या 60 करोड़ से अधिक होने के साथ यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल है।
500 करोड़ से अधिक बार पहुंचे लोग
प्रधानमंत्री ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इन केंद्रों पर अब तक 500 करोड़ से अधिक लोगों की पहुंच दर्ज की गई है। इससे देश के ग्रामीण और जमीनी स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिली है।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के अनुसार, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत अब तक 48.54 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। 13 करोड़ से अधिक लोगों ने उपचार का लाभ लिया है। वहीं, 39 हजार से अधिक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों के माध्यम से दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के उपचार को कवर किया गया है।
2.03 लाख करोड़ रुपये के उपचार को मंजूरी
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त तक 13.25 करोड़ लोगों के उपचार के लिए 2.03 लाख करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी थी। योजना के तहत पात्र परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक का कैशलेस अस्पताल उपचार कवर दिया जाता है।
आयुष्मान भारत के आठ वर्ष पूरे होने पर केंद्र सरकार ने योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और इलाज के दौरान परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने की उपलब्धियों को रेखांकित किया है।




