नई दिल्ली। भारत और चीन की सेनाओं के बीच अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से जुड़े मुद्दों को लेकर पहली बार कोर कमांडर स्तर की वार्ता हुई। यह महत्वपूर्ण सैन्य बातचीत रविवार को भारतीय क्षेत्र में स्थित वाचा-दमाई बॉर्डर मीटिंग प्वाइंट पर हुई। दोनों देशों के बीच पूर्वी सेक्टर में इस स्तर की यह पहली बैठक है।
सूत्रों के अनुसार, वार्ता का उद्देश्य अरुणाचल प्रदेश में LAC से जुड़े मौजूदा विवादित मुद्दों पर चर्चा करना और उन्हें सुलझाने के रास्ते तलाशना था। भारतीय पक्ष का नेतृत्व 3 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया ने किया। अरुणाचल क्षेत्र में LAC की निगरानी भारतीय सेना की 3 कोर और तेजपुर स्थित 4 कोर करती हैं।
भारत और चीन के बीच LAC की स्थिति को लेकर अलग-अलग धारणाएं हैं। कई बार यही अंतर सीमा पर जमीनी स्तर पर तनाव और विवाद का कारण बनता है। ऐसे में दोनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सीधे संवाद को तनाव कम करने और स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाली परिस्थितियों को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब तक दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की वार्ताएं मुख्य रूप से पूर्वी लद्दाख के चुशुल-मोल्डो बॉर्डर मीटिंग प्वाइंट पर होती रही हैं। वर्ष 2020 में गलवन घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद इस सैन्य संवाद तंत्र की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई थी।
उच्चस्तरीय बातचीत के बाद बढ़ा सैन्य संवाद
अरुणाचल में हुई यह बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की चीन यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों के बीच हुई है। दोनों पक्षों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर पर संवाद बढ़ाने की कोशिश जारी है।
इस वार्ता को पूर्वी सेक्टर में सीमा प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर होने वाले विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने और LAC पर शांति एवं स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।





