देहरादून। उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदेश में एक साथ 28 नए स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही कोरोना संक्रमण के भी छह नए मरीज मिले हैं। नए मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एच1एन1 एक श्वसन संक्रमण है और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से इसके फैलने का खतरा रहता है। देहरादून जिले में स्वाइन फ्लू का प्रभाव सबसे अधिक देखा जा रहा है। इससे पहले भी प्रदेश में सामने आए अधिकांश मामले देहरादून से ही जुड़े रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है। बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षणों को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं की जा सकती और इसके लिए जांच जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भीड़भाड़ वाले स्थानों, स्कूलों, कार्यालयों और कम वेंटिलेशन वाले बंद स्थानों में संक्रमण फैलने की आशंका अधिक रहती है। ऐसे में लोगों को खांसी-जुकाम होने पर सावधानी बरतने और संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।
वहीं, प्रदेश में कोविड-19 के छह नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच प्रक्रिया जारी रखी है। फ्लू और कोरोना दोनों ही श्वसन संबंधी संक्रमण होने के कारण शुरुआती लक्षणों में समानता हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर समय पर जांच कराएं। खासकर बुजुर्गों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।





