Top 5 This Week

Related Posts

संसद में ‘नारी शक्ति’ का ऐतिहासिक उद्घोष: महिला आरक्षण और परिसीमन पर 18 घंटे की मैराथन चर्चा आज से

नई दिल्ली: भारतीय संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में आज का दिन स्वर्णाक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। संसद के विशेष सत्र के दौरान आज से ‘महिला आरक्षण विधेयक’ और ‘परिसीमन’ से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों पर व्यापक चर्चा का आगाज होगा। इस ऐतिहासिक पड़ाव की महत्ता को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह कदम नारी सशक्तिकरण की दिशा में भारत की एक नई और गौरवशाली पहचान बनेगा।

प्रधानमंत्री का संदेश: ‘ऐतिहासिक बदलाव की ओर भारत’

संविधान संशोधन की तैयारी के लिए बुलाए गए तीन दिवसीय विशेष सत्र के आरंभ से पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए भारत आज एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल एक नीति नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का संकल्प है, जो अब मूर्त रूप लेने जा रहा है।

लोकसभा में 18 घंटे का मंथन

महिला आरक्षण के इस महत्वपूर्ण विषय पर गहन विचार-विमर्श के लिए लोकसभा की कार्यवाहियों का विशेष खाका तैयार किया गया है:

  • चर्चा की अवधि: सदन में आज से कुल 18 घंटे की मैराथन चर्चा शुरू होगी, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम सांसद अपनी राय साझा करेंगे।
  • संवैधानिक प्रावधान: इन बदलावों के लागू होने के बाद संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।
  • परिसीमन की भूमिका: चर्चा में परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया और इसके प्रभाव पर भी विस्तार से बात की जाएगी, जिससे भविष्य में सीटों के पुनर्निर्धारण और आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होगी।

33% आरक्षण: एक नए युग की शुरुआत

लंबे समय से प्रतीक्षित इस विधेयक के पारित होने से देश की राजनीति की रूपरेखा पूरी तरह बदल जाएगी। वर्तमान में संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व उनकी जनसंख्या के अनुपात में काफी कम है। इस संशोधन के बाद संसद के निचले सदन (लोकसभा) और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं की उपस्थिति एक-तिहाई सुनिश्चित हो जाएगी।

Popular Articles