नई दिल्ली। भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन अब हकीकत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बेंगलुरु स्थित बीईएमएल (BEML) की निर्माण इकाई का दौरा किया और देश में तैयार हो रही पहली बुलेट ट्रेन की झलक दिखाई। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी साझा किया। इसमें ट्रेन के निर्माण और उसके विभिन्न हिस्सों को दिखाया गया है।
280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए तैयार हो रही ट्रेन
भारत की स्वदेशी बुलेट ट्रेन को बी28 (B28) नाम दिया गया है। इसका निर्माण इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) और बीईएमएल मिलकर कर रहे हैं। इसे 280 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के अनुसार तैयार किया जा रहा है। इसके ट्रैक ट्रायल 2027 के मध्य तक शुरू होने की उम्मीद है।
रेल मंत्री ने निर्माण इकाई के निरीक्षण के दौरान ट्रेन की छत, साइड वॉल, कैब और अन्य संरचनात्मक हिस्सों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ट्रेन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है, ताकि तेज गति के दौरान भी इसकी मजबूती और सुरक्षा बनी रहे।
सुरक्षा के लिए हो रहा स्क्वीज टेस्ट
ट्रेन के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया स्क्वीज टेस्ट यानी दबाव परीक्षण है। इसके जरिए जांच की जा रही है कि तेज गति से दौड़ने के दौरान ट्रेन का बाहरी ढांचा हवा के दबाव और अन्य चुनौतियों को सहन कर सकता है या नहीं। रेल मंत्री के अनुसार, तेज गति पर ट्रेन के आसपास हवा के दबाव में बदलाव होता है, इसलिए इसकी संरचना को बेहद मजबूत बनाना जरूरी है।
पीयूष गोयल ने भी साझा किया वीडियो
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी बुलेट ट्रेन के निर्माण का एक अन्य वीडियो साझा किया। इसमें ट्रेन के साइड पैनल तैयार करने की प्रक्रिया दिखाई गई है। इससे पहले रेल मंत्री ने जानकारी दी थी कि बी28 ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम तैयार हो चुका है और उसका संरचनात्मक परीक्षण किया जा रहा है।
अगला लक्ष्य 350 किमी की रफ्तार
भारत स्वदेशी हाई-स्पीड रेल तकनीक को और आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। बी28 के बाद बी35 ट्रेनसेट विकसित करने की योजना है, जिसे 350 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के लिए तैयार किया जाएगा। इससे देश में आधुनिक और तेज रेल परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा।





