अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में कुमाऊं के प्रसिद्ध ऐतिहासिक मां नंदा देवी मेले का बुधवार को पंचमी के अवसर पर विधिवत शुभारंभ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक रीति-रिवाजों और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच शुरू हुए मेले को लेकर श्रद्धालुओं और पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही नंदा देवी मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुटने लगी और देर रात तक शहर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
मेले के उद्घाटन समारोह का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने प्रदेशवासियों और देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं को मेले की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मां नंदा देवी कुमाऊं सहित पूरे उत्तराखंड की आराध्य और कुलदेवी हैं। हिमालय की बेटी के रूप में पूजी जाने वाली मां नंदा के प्रति लोगों की गहरी आस्था है।
स्थानीय विधायक मनोज तिवारी ने भी मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नंदा देवी मंदिर क्षेत्र की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर है। इस अवसर पर चंद्र वंशज नरेंद्र चंद्र राज सिंह ने मां नंदा की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
लोक संस्कृति की दिखी झलक
उद्घाटन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ। डी शेडो समूह की प्रस्तुतियों के साथ स्थानीय सांस्कृतिक दलों ने झोड़ा और छपेली सहित विभिन्न लोकनृत्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कदली वृक्षों को दिया जाएगा निमंत्रण
मेले की धार्मिक परंपराओं के तहत बृहस्पतिवार शाम कदली वृक्षों को मेले में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा। मंदिर के पुजारी और श्रद्धालुओं का दल जगरियों के साथ लक्ष्मेश्वर स्थित खुटकुड़ी भैरव मंदिर के पास पहुंचेगा। शुक्रवार को कदली वृक्षों की शोभायात्रा निकाली जाएगी और उन्हें नंदा देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा। पूजा-अर्चना के बाद इन्हीं कदली वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं का निर्माण किया जाएगा।
मेले के आयोजन से अल्मोड़ा में धार्मिक आस्था के साथ कुमाऊं की लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत की भी जीवंत झलक देखने को मिल रही है।





