देहरादून। उत्तराखंड के प्रसिद्ध बाबा नीम करौली महाराज के कैंची धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है। चारधाम यात्रा की तर्ज पर यहां भी श्रद्धालुओं के पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी। धाम की क्षमता और आसपास उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है। <Cite refs={[“turn838581search0″,”turn838581search2”]}/>
क्षमता के अनुसार तय होगी श्रद्धालुओं की संख्या
प्रशासन का उद्देश्य कैंची धाम में भीड़ को नियंत्रित करने के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात और ठहरने की व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इसके लिए जिला प्रशासन और शासन के बीच बैठक के बाद श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित करने पर निर्णय लिया जाएगा। प्रस्तावित पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से पहले से पता चल सकेगा कि किसी दिन कितने श्रद्धालु धाम पहुंच सकते हैं।
एक दिन में पहुंचे 35 हजार वाहन
कैंची धाम में बढ़ती भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा है। परिवहन विभाग के अनुसार, 2 अक्तूबर को एक ही दिन में यहां 35 हजार वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई। इससे भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर जाम की स्थिति बनी और स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यह मार्ग कई स्थानों पर संकरा है और इसमें तीखे मोड़ भी हैं। ऐसे में वाहनों की बढ़ती संख्या यातायात प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
प्रवेश और निकासी की होगी अलग व्यवस्था
भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए मंदिर में प्रवेश और निकासी के रास्ते अलग करने की योजना भी बनाई जा रही है। इसके अलावा पार्किंग, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन का मानना है कि पंजीकरण के जरिए श्रद्धालुओं की संख्या का पहले से आकलन करने पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते की जा सकेंगी।
चारधाम यात्रा की तरह होगी निगरानी
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान भी श्रद्धालुओं के पंजीकरण की व्यवस्था लागू है। हालांकि, वहां भी पंजीकरण के बावजूद कई मार्गों पर जाम की समस्या सामने आती है। ऐसे में कैंची धाम में नई व्यवस्था की सफलता प्रभावी यातायात प्रबंधन और उपलब्ध सुविधाओं पर निर्भर करेगी।
फिलहाल, कैंची धाम में पंजीकरण व्यवस्था लागू करने की तैयारी चल रही है। अंतिम नियम, निर्धारित दैनिक संख्या और पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर प्रशासन के अगले फैसले का इंतजार है।





