गुजरात एटीएस ने हाल ही में अल-कायदा के ऑनलाइन टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए पांच संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया, जिनमें शमा परवीन नाम की महिला की गिरफ्तारी ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया है। शमा परवीन पर भारत में अल-कायदा की विचारधारा को फैलाने, युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और AQIS (अलकायदा इंडियन सबकॉन्टिनेंट) के लिए भर्ती कराने का आरोप है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फैलाई नफरत
गुजरात एटीएस की जांच में सामने आया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शमा परवीन ने सोशल मीडिया के ज़रिए भारत के खिलाफ नफरत फैलाने वाले संदेश साझा किए। वह लगातार पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के समर्थन में पोस्ट कर रही थी और उनसे भारत पर हमले की सीधी अपील कर रही थी।
इंटरनेट मीडिया से कट्टरपंथी बनाने की साजिश
जांच में यह भी पाया गया कि शमा परवीन सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जा रही थी। वह झारखंड की मूल निवासी है और बेंगलुरु के हेब्बल इलाके में अपने भाई के साथ रहती थी। गुजरात एटीएस ने उसे 29 जुलाई को गिरफ्तार किया और अब उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
भारत की संप्रभुता पर हमला
एटीएस अधिकारियों के अनुसार, शमा की गतिविधियां भारत की संप्रभुता और लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा हमला थीं। उसने न सिर्फ अल-कायदा का प्रचार किया, बल्कि पाकिस्तान समर्थक और भारत विरोधी पोस्ट भी साझा किए। एटीएस को ऐसे कई डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनमें आसिम मुनीर के भाषण और खिलाफत परियोजना को लागू करने की पैरवी शामिल है।





