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देश को मिला हाई स्पीड कनेक्टिविटी का तोहफा, सीएम धामी बोले ‘रफ्ता-रफ्ता नहीं रफ्तार से बढ़ रहा भारत’

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज बुनियादी ढांचे के विकास के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का भव्य उद्घाटन कर देश को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का उपहार सौंपा। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ ही अब दिल्ली से देहरादून के बीच की यात्रा का समय काफी कम हो गया है; यात्री अब यह दूरी मात्र ढाई घंटे में तय कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने जताया आभार: “रफ्तार से बढ़ रहा भारत”

इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस परियोजना को एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह ‘ग्रीन कॉरिडोर’ राज्य के आर्थिक और पर्यटन विकास में सहायक सिद्ध होगा। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने देश की प्रगति की सराहना करते हुए कहा, “भारत अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, बल्कि तेज रफ्तार के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।”

2014 से पूर्व के दौर और वर्तमान की तुलना

सीएम धामी ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों के समय की याद दिलाई। उन्होंने कहा:

  • मनोबल और उत्साह: 2014 से पहले देश की जनता का उत्साह मंद पड़ चुका था और सीमाओं पर तैनात सेनाओं का मनोबल भी प्रभावित हो रहा था।
  • बदलाव का नेतृत्व: ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में प्रधानमंत्री मोदी ने देश की कमान संभाली और देश को एक नई दिशा दी।
  • देवभूमि से लगाव: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद यह 28वीं बार है जब मोदी जी देवभूमि आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का आगमन हमेशा ‘शुभ और कल्याणकारी’ रहा है और वे हर बार उत्तराखंड के लिए नई सौगातें लेकर आए हैं।

भविष्य के संकल्प और राजनीति

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे एक ‘श्रेष्ठ राष्ट्र’ के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि जिस प्रकार 2022 के चुनावों में जनता ने उन पर भरोसा जताया, उसी तरह वर्ष 2027 में भी भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने में सफल होगी।

परियोजना का महत्व

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि यह एशिया के सबसे बड़े वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर का भी हिस्सा है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सुगम यातायात को बढ़ावा मिलेगा, जिससे उत्तराखंड में पर्यटन और स्थानीय व्यापार को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

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