देहरादून: उत्तराखंड में श्रमजीवी वर्ग के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने प्रदेश के उद्योगों, इंजीनियरिंग इकाइयों और निजी व अनुसूचित संस्थानों में कार्यरत तीन लाख से अधिक श्रमिकों को एक बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने इन सभी श्रेणियों के श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में महत्वपूर्ण वृद्धि की है, जिससे उन्हें आर्थिक मोर्चे पर बड़ी राहत मिलेगी।
20 साल बाद हुआ ऐतिहासिक संशोधन
राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए यह निर्णय बेहद मायने रखता है, क्योंकि लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी।
- वेतन पुनरीक्षण: उद्योगों और इंजीनियरिंग इकाइयों के श्रमिकों का न्यूनतम वेतन पूरे 20 साल के अंतराल के बाद पुनरीक्षित (रिवाइज) किया गया है।
- महंगाई से राहत: दो दशकों के बाद हुए इस संशोधन से श्रमिकों को वर्तमान महंगाई के अनुसार उचित वेतन मिल सकेगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।
निजी और अनुसूचित संस्थानों के लिए नया प्रावधान
केवल उद्योगों तक ही सीमित न रहते हुए, सरकार ने निजी और अनुसूचित संस्थानों में काम करने वाले श्रमिकों का भी विशेष ध्यान रखा है।
- वी.डी.ए. (VDA) में वृद्धि: वेतन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, निजी व अनुसूचित संस्थानों के श्रमिकों के लिए वेरिएबल डियरनेस अलाउंस (VDA) की राशि बढ़ाकर 518 रुपये कर दी गई है।
- वित्तीय लाभ: इस बढ़ोतरी से श्रमिकों की मासिक आय में सीधे तौर पर इजाफा होगा और उन्हें बढ़ती महंगाई के बीच अतिरिक्त वित्तीय संबल प्राप्त होगा।





