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चकराता में अनूठी शादी: एक ही परिवार की 6 शादियाँ, दुल्हनें बरात लेकर पहुंचीं दूल्हे के द्वार; ‘जोजोड़ा’ प्रथा का दिखा अनोखा नजारा

चकराता/देहरादून: चकराता तहसील के अंतर्गत आने वाले खारसी गांव में बुधवार को एक बेहद अनूठा और ऐतिहासिक विवाह समारोह देखने को मिला। जौनसार-बावर की प्राचीन और समृद्ध ‘जोजोड़ा’ प्रथा के तहत, एक ही संयुक्त परिवार में पांच दुल्हनें अपनी बरात लेकर दूल्हों के घर पहुंचीं। वहीं, इस परंपरा का पालन करते हुए परिवार की बेटी ने भी अपनी बरात निकाली और वह दूल्हे के घर गई। इस अनूठे आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आधुनिकता के इस दौर में भी जौनसार-बावर के ग्रामीण अपनी संयुक्त परिवार की परंपराओं और पुराने रीति-रिवाजों को सहेजे हुए हैं।

‘जोजोड़ा’ प्रथा का जीवंत रूप

खारसी निवासी दो सगे भाइयों— दौलत सिंह चौहान और मोहन सिंह चौहान— के संयुक्त परिवार में बुधवार का दिन खुशियों भरा रहा। इस परिवार के छह बच्चों (पांच भाइयों और एक बहन) का विवाह जौनसार-बावर के पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।

  • पांच बरातें, पांच दुल्हनें: जौनसार-बावर की पारंपरिक ‘जोजोड़ा’ प्रथा के अनुसार, पांच दुल्हनें पारंपरिक वेशभूषा में बरात लेकर अपने-अपने दूल्हों के घर पहुंचीं।
  • बेटी की बरात: परिवार की परंपरा के अनुसार, परिवार की बेटी राधिका भी अपनी बरात लेकर मरलोऊ गांव निवासी रणवीर के घर पहुंची और उनका विवाह संपन्न हुआ।

विवाह के जोड़े और उनके क्षेत्र

इस संयुक्त परिवार में हुए छह विवाहों की जानकारी इस प्रकार है:

  1. दौलत सिंह चौहान के पुत्र:
    • नरेंद्र चौहान: इनका विवाह खत शैली के हयाओ गांव निवासी अंजू के साथ हुआ।
    • राहुल चौहान: इनका विवाह खत बिशलाड़ के जोगियों गांव निवासी आंचल के साथ हुआ।
    • प्रदीप चौहान: इनका विवाह जोगियों गांव निवासी निक्की के साथ संपन्न हुआ।
  2. मोहन सिंह चौहान (छोटे भाई) के पुत्र:
    • प्रीतम चौहान: इनका विवाह खत शैली की हयोऊ निवासी पुनीता के साथ हुआ।
    • अमित चौहान: इनका विवाह भरम खत के गोरछा निवासी निर्मला के साथ हुआ।
  3. परिवार की बेटी:
    • राधिका: यह बरात लेकर मरलोऊ निवासी रणवीर के घर पहुंचीं और दोनों का विवाह हुआ।

क्षेत्र में बना कौतूहल का विषय

एक ही घर से पांच बरातें आने और परिवार की बेटी के बरात लेकर जाने का यह नजारा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। खारसी गांव में आयोजित इस विशाल और पारंपरिक शादी को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंचे। इस आयोजन में पारंपरिक लोक नृत्य और संगीत ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया।

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