वॉशिंगटन। चंद्रमा की ऐतिहासिक परिक्रमा कर सुरक्षित पृथ्वी पर लौटे नासा के आर्टेमिस-2 (Artemis II) मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्रियों का अमेरिका में नायक की तरह स्वागत किया गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन की शानदार सफलता पर क्रू मेंबर्स की सराहना करते हुए इसे अमेरिकी अंतरिक्ष विज्ञान के लिए गौरवशाली क्षण बताया। राष्ट्रपति ने न केवल अंतरिक्ष यात्रियों को व्हाइट हाउस आने का न्योता दिया, बल्कि भविष्य के लिए एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित करते हुए एलान किया कि अब अमेरिका का अगला मिशन मंगल ग्रह (Mars) होगा।
‘शानदार यात्रा, सटीक लैंडिंग’: ट्रंप ने जाहिर किया गर्व
प्रशांत महासागर में ओरियन अंतरिक्ष यान की सफल लैंडिंग के तुरंत बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ के जरिए अपनी खुशी साझा की।
- क्रू की प्रतिभा की सराहना: ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, “आर्टेमिस-2 के महान और बेहद प्रतिभाशाली क्रू को बहुत-बहुत बधाई। पूरी यात्रा शानदार रही और लैंडिंग एकदम सटीक थी। संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर मुझे इससे ज्यादा गर्व नहीं हो सकता।”
- व्हाइट हाउस में न्योता: राष्ट्रपति ने चारों अंतरिक्ष यात्रियों—रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन—को व्यक्तिगत रूप से सम्मानित करने के लिए जल्द ही व्हाइट हाउस बुलाने की इच्छा व्यक्त की है।
मिशन मून से मिशन मार्स की ओर
ट्रंप ने इस अवसर का उपयोग अमेरिका के भविष्य के अंतरिक्ष कार्यक्रमों की दिशा स्पष्ट करने के लिए भी किया।
- अगला कदम मंगल: ट्रंप ने संकेत दिया कि चंद्रमा पर मानव की सफल वापसी केवल एक शुरुआत है। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट रूप से कहा, “हम इसे फिर से करेंगे और फिर अगला कदम, मंगल ग्रह होगा!”
- अंतरिक्ष महाशक्ति के रूप में बढ़त: विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन अंतरिक्ष अन्वेषण (Space Exploration) की दौड़ में चीन और अन्य प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बनाने के लिए मंगल मिशन की समयसीमा को और कम कर सकता है।
क्यों खास है आर्टेमिस-2 की सफलता?
यह मिशन न केवल नासा के लिए, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
- दशकों बाद वापसी: 1970 के दशक के अपोलो मिशन के बाद यह पहली बार है जब इंसान चंद्रमा के इतने करीब पहुँचा है।
- नई तकनीकों का परीक्षण: इस मिशन ने साबित कर दिया है कि नासा का नया ‘ओरियन’ यान और ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) रॉकेट इंसानों को गहरे अंतरिक्ष में ले जाने और सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।
- महिला और अश्वेत यात्री का प्रतिनिधित्व: इस मिशन के जरिए क्रिस्टीना कोच चंद्रमा की यात्रा करने वाली पहली महिला और विक्टर ग्लोवर पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं।





