उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में बादल फटने के बाद चल रहे बचाव कार्यों में गुरुवार को तेजी आई। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और आईटीबीपी की टीमें हेलिकॉप्टरों की मदद से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। अब तक नौ लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि 20 लोग—जिनमें सेना के 10 जवान भी शामिल हैं—अब भी लापता हैं। जिला प्रशासन ने आशंका जताई है कि यह संख्या और बढ़ सकती है।
राहत और बचाव में जुटी टीमें
एनडीआरएफ के डीआईजी गंभीर सिंह चौहान ने बताया कि क्षेत्र में संचार और सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित होने के कारण राहत कार्यों में बाधाएं आ रही हैं। हालांकि, बुधवार को मौसम साफ होने के बाद 35 रेस्क्यूकर्मी हेलिकॉप्टर के माध्यम से धराली पहुंचने में सफल रहे। अब सैटेलाइट फोन के माध्यम से संचार व्यवस्था भी सक्रिय हो गई है।
सीएम धामी ने की समीक्षा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार सुबह उत्तरकाशी पहुंचकर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासनिक अधिकारियों को राहत, बचाव, पेयजल, खाद्यान्न और बिजली बहाली में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने 24 घंटे काम में जुटी सभी टीमों के साहस और समर्पण की सराहना की।
झील का निरीक्षण, कोई गंभीर खतरा नहीं
आपदा के कारण भागीरथी नदी में बनी झील का सिंचाई विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। विभागाध्यक्ष सुभाष कुमार के अनुसार झील से धीरे-धीरे पानी निकल रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। झील की लंबाई लगभग 1200 मीटर और चौड़ाई 100 मीटर आंकी गई है। मलबा हटाने के लिए पोकलैंड मशीनें भेजी जा रही हैं, जिन्हें वायुसेना की मदद से एयरलिफ्ट किया जा रहा है।
सड़कें ध्वस्त, भारी मशीनें पहुंचाने में चुनौती
धराली और हर्षिल क्षेत्र में कई जगहों पर गंगोत्री हाईवे क्षतिग्रस्त है, जिससे राहत टीमों की पहुंच प्रभावित हुई। भटवाड़ी से आगे मार्ग अवरुद्ध है, जिससे एनडीआरएफ, पुलिस और अन्य टीमें आगे नहीं बढ़ सकीं। हालांकि, हेलिकॉप्टरों से राहत सामग्री और भारी मशीनरी लगातार भेजी जा रही है।
हर्षिल में सेना कैंप को भी नुकसान, दो शव मिले
हर्षिल स्थित सेना के कैंप में आए मलबे में फंसे 13 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है, जिनमें 11 जवान भी शामिल हैं। इस दौरान दो शव भी बरामद हुए, जिससे मृतकों की संख्या छह हो गई है। सेना के दो घायल जवानों को उपचार के लिए हेलिकॉप्टर से उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया।
स्थानीय लोग भी दे रहे योगदान
बचाव कार्यों में स्थानीय ग्रामीण भी पूरी तत्परता से सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन ने बताया कि नेपाल मूल के दो व्यक्तियों समेत आठ स्थानीय युवक भी लापता हैं। राहत कार्यों को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन, सेना, वायुसेना और सभी एजेंसियां मिलकर कार्य कर रही हैं।




