Top 5 This Week

Related Posts

सिर्फ सजा नहीं, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार जरूरी: लोकसभा में बोले शशि थरूर

नई दिल्ली। लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने संबंधी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि केवल कड़े दंड का प्रावधान करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली में व्यापक और संरचनात्मक सुधार करने की मांग करते हुए कहा कि सफलता का पैमाना दोषियों को जेल भेजना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं दोबारा न हों।

थरूर ने कहा कि प्रत्येक पेपर लीक कोई अलग-थलग घटना नहीं है, बल्कि यह परीक्षा व्यवस्था की गहरी खामियों को उजागर करती है। उनके अनुसार, सरकार का ध्यान केवल अपराध होने के बाद दोषियों को दंडित करने पर नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत और भरोसेमंद व्यवस्था विकसित करने पर होना चाहिए।

उन्होंने परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया में तकनीकी सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया। थरूर ने सुझाव दिया कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, डिजिटल निगरानी, परीक्षा केंद्रों की बेहतर व्यवस्था और स्वतंत्र निगरानी तंत्र को मजबूत किए बिना केवल कानूनी प्रावधानों से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं होगा।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश के लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं और पेपर लीक की घटनाएं उनके भविष्य और व्यवस्था पर विश्वास को गहरा आघात पहुंचाती हैं। इसलिए सरकार को ऐसी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए जिसमें परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और पूरी तरह विश्वसनीय हो।

लोकसभा में हुई बहस के दौरान सरकार ने संशोधन विधेयक का बचाव करते हुए कहा कि नए प्रावधानों के माध्यम से जांच और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली में मूलभूत सुधार और प्रशासनिक जवाबदेही पर अधिक जोर देने की आवश्यकता बताई।

पेपर लीक पर जारी राजनीतिक बहस के बीच यह स्पष्ट हुआ कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने की आवश्यकता से सहमत हैं, हालांकि समाधान के तरीके को लेकर दोनों के दृष्टिकोण अलग-अलग हैं।

Popular Articles