चमोली। बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित अनियमितता और चोरी के मामले की जांच तेज हो गई है। विशेष जांच दल (SIT) ने मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को बदरीनाथ मंदिर परिसर ले जाकर जांच की। टीम ने मंदिर में पहुंचकर संबंधित स्थानों, लॉकरों और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल की।
जांच एजेंसी का उद्देश्य मामले में चढ़ावे की राशि और अन्य सामान के संबंध में साक्ष्य जुटाना है। SIT आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित रूप से गायब हुई राशि और अन्य वस्तुओं का क्या हुआ तथा इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस के अनुसार, बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रमोद नौटियाल की भूमिका सामने आने की बात कही गई है। पुलिस का दावा है कि फुटेज में कई मौकों पर संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दी हैं।
प्रमोद नौटियाल बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) से जुड़े कर्मचारी रहे हैं। SIT ने उन्हें देहरादून से गिरफ्तार कर आगे की जांच के लिए चमोली लाया था। इसके बाद मामले में पूछताछ और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है।
जांच टीम ने मंदिर परिसर में पहुंचकर उन स्थानों का निरीक्षण किया जहां चढ़ावे की गिनती और रखरखाव से जुड़ी गतिविधियां होती हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच का मुख्य फोकस धन के लेन-देन, रिकॉर्ड और संभावित सहयोगियों की भूमिका को स्पष्ट करना है।
इस मामले में अदालत ने भी आरोपी को राहत देने से इनकार किया है। कोर्ट ने धार्मिक स्थल से जुड़े अपराधों को गंभीर मानते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।
SIT अब मामले में जुटाए जा रहे सभी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो पाएगी।





