नई दिल्ली। दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी से जुड़ी चेन्नई की 2.70 एकड़ जमीन को लेकर चल रहे संपत्ति विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फिल्म निर्माता बोनी कपूर और उनकी बेटियों जाह्नवी कपूर व खुशी कपूर को नोटिस जारी किया। न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन और न्यायमूर्ति अरुण पिल्लै की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए विवादित संपत्ति पर अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया।
1988 की जमीन खरीद को लेकर विवाद
मामला चेन्नई की ईस्ट कोस्ट रोड स्थित करीब 2.70 एकड़ जमीन से जुड़ा है। याचिकाकर्ता एमसी शिवाकामी और उनके भाई एमसी नटराजन ने दावा किया है कि वे दिवंगत एमसी चंद्रशेखरन के कानूनी वारिस हैं और विवादित संपत्ति में उनका हिस्सा बनता है। उन्होंने 1988 में हुए जमीन के बिक्री सौदे को चुनौती दी है और संपत्ति में हिस्सेदारी की मांग की है।
मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को दी चुनौती
इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने अप्रैल 2026 में याचिका को समय-सीमा से बाधित मानते हुए खारिज कर दिया था। कपूर परिवार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि संबंधित बिक्री लेनदेन 19 अप्रैल 1988 का है, जबकि मौजूदा मुकदमा कई दशक बाद 2025 में दायर किया गया।
याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। शीर्ष अदालत ने अब बोनी कपूर, जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर समेत संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अदालत के आदेश के तहत फिलहाल संपत्ति की स्थिति में बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
मध्यस्थता से समाधान का सुझाव
सुप्रीम कोर्ट ने लंबे समय से चले आ रहे विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने के लिए मध्यस्थता का सुझाव भी दिया है। अदालत ने सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जज को मध्यस्थ नियुक्त करने की बात कही है। मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर 2026 को होगी।





