नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से देशभर में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के नए चरण की शुरुआत हो गई है। अभियान के तहत शहरों, वार्डों और गांवों में विशेष स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस बार युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों की सफाई, सफाई मित्रों के लिए सुरक्षा एवं सम्मान शिविर, जनभागीदारी और कचरे से संपदा बनाने जैसी गतिविधियों पर ध्यान दिया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों में ‘स्वच्छ पाठशाला-युवा फॉर स्वच्छता’ के तहत विद्यार्थियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।
पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर विशेष अभियान
अभियान के तहत 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर देशभर के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा 1 अक्टूबर को ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ के तहत राष्ट्रव्यापी श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें लोगों से सार्वजनिक स्थलों की सफाई में भाग लेने की अपील की गई है।
2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर गांवों और शहरी क्षेत्रों में विशेष बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस दौरान ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर जागरूकता और ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पौधारोपण भी किया जाएगा।
पोर्टल पर दर्ज होगा अभियान का ब्योरा
अभियान की गतिविधियों और उनके परिणामों का आकलन करने के लिए एक नया पोर्टल भी शुरू किया गया है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र इसमें स्वच्छता के लिए उठाए गए कदमों तथा एकत्र किए गए कचरे का विवरण अपलोड कर सकेंगे। स्वच्छ पेयजल से संबंधित जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार के अनुसार अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय इसे जनभागीदारी और नियमित व्यवहार का हिस्सा बनाना है। साथ ही सफाई कर्मियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।





