नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता को मजबूत करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 160 सैटेलाइट स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन (SAT-SAAW) और संबंधित उपकरणों की खरीद के लिए भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) के साथ 810.79 करोड़ रुपये का अनुबंध किया है। यह करार 23 सितंबर को नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में हुआ।
SAT-SAAW हवा से जमीन पर मार करने वाला सटीक निर्देशित ग्लाइड बम है। इसे जगुआर, हॉक और सुखोई-30 MKI जैसे लड़ाकू विमानों से लॉन्च किया जा सकता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह हथियार लंबी दूरी से दुश्मन के एयरफील्ड को निशाना बनाने में सक्षम है।
इस हथियार प्रणाली को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया है। इसमें करीब 60 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री होगी। इसके अलावा इनिशियल मेजरमेंट यूनिट, लॉन्ग इंपैक्ट डिले फ्यूज और ट्विन स्टोर कैरियर जैसे महत्वपूर्ण सब-सिस्टम का भी स्वदेशीकरण किया जाएगा।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह खरीद ‘बाय (इंडियन-इंडिजिनसली डिजाइन, डेवलप्ड एंड मैन्युफैक्चर्ड)’ श्रेणी के तहत की गई है। इसका उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में घरेलू निर्माण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना भी है।
160 SAT-SAAW हथियारों की आपूर्ति 2027-28 और 2028-29 के दौरान चरणबद्ध तरीके से किए जाने की योजना है। मंत्रालय के अनुसार, इन हथियारों को वायुसेना में शामिल करने से उसके अभियानों को जारी रखने की क्षमता बढ़ेगी और देश की रक्षा तैयारियों को मजबूती मिलेगी।




