वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई नाकाम आतंकी साजिश को लेकर ईरान पर गंभीर आरोप लगाया है। ट्रंप ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से मानते हैं कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ था। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया है।
यह मामला 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई घटना से जुड़ा है। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान ओमान के को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर क्रैश कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। आरोप है कि उसका इरादा विमान पर नियंत्रण हासिल कर उसे दुर्घटनाग्रस्त करने का था।
16 हजार फीट नीचे आया विमान
हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे आया और करीब दो मिनट में 16 हजार फीट की ऊंचाई गंवा दी। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने हमलावर को काबू कर लिया।
विमान का मार्ग बदलकर सऊदी अरब के ताबुक में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। विमान में सवार सभी 180 लोगों की जान बच गई। यूएई के अभियोजन पक्ष ने इस घटना को आतंकवादी हमला बताया है।
ईरान से कनेक्शन पर अभी जांच जारी
ट्रंप के दावे के विपरीत, उपलब्ध जांच संबंधी रिपोर्टों में अभी तक ईरान से हमलावर के सीधे संबंध का कोई निर्णायक सार्वजनिक प्रमाण सामने नहीं आया है। रॉयटर्स के अनुसार, जांच में हमलावर के कथित रूप से हमले की योजना पहले से बनाने और तेल अवीव जाने वाली उड़ान को निशाना बनाने की बात सामने आई है।
इस घटना के बाद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की व्यापक सराहना हुई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उन्हें भारत, इजरायल और दुनिया का हीरो बताया है।





