नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के बीच देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। पिछले कुछ दिनों में ईंधन कीमतों में यह चौथी बढ़ोतरी मानी जा रही है।
नई दरें लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गई हैं, जबकि डीजल भी तेजी से महंगा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ रहा है।
तेल कंपनियों के अनुसार, लंबे समय से खुदरा कीमतों को नियंत्रित रखने के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी दबाव को कम करने के लिए कीमतों में चरणबद्ध तरीके से वृद्धि की जा रही है। उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात जल्द नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में पेट्रोल–डीजल के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है।
ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। परिवहन खर्च बढ़ने से जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है। कई शहरों में लोग निजी वाहनों की जगह अब सार्वजनिक परिवहन का सहारा लेने लगे हैं।
सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता अधिक होने के कारण वैश्विक बाजार की अस्थिरता का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।





