नई दिल्ली, भारत और ओमान के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करते हुए दोनों देशों ने संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से अपनी रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दी है। यह प्रशिक्षण ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव और ईरान–अमेरिका से जुड़े हालात पर अंतरराष्ट्रीय नजर बनी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों के विशेषज्ञों और अधिकारियों की दो मोबाइल प्रशिक्षण टीमों (IMTT) ने ओमान के सुल्तान सशस्त्र बलों (SAF) के जवानों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया। इस प्रशिक्षण में लगभग 110 ओमानी अधिकारी शामिल हुए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच परिचालन समन्वय, संयुक्त लॉजिस्टिक्स और आपसी सहयोग को मजबूत करना रहा। इसमें आधुनिक सैन्य रणनीतियों, संयुक्त संचालन क्षमता और आपदा/संकट प्रबंधन से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
जानकारी के अनुसार, यह पहल भारत और ओमान के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों का हिस्सा है, जो पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे मुद्दों पर भी घनिष्ठ साझेदारी विकसित की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संयुक्त प्रशिक्षण न केवल दोनों सेनाओं की क्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को भी मजबूती प्रदान करते हैं। साथ ही, यह भारत की ‘एक्ट वेस्ट’ नीति के तहत पश्चिम एशिया के देशों के साथ बढ़ते रणनीतिक संबंधों को भी दर्शाता है।
रक्षा मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, भारत और ओमान के बीच यह सहयोग भविष्य में और भी व्यापक हो सकता है, जिसमें संयुक्त अभ्यास, तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार शामिल है।




