नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध समाप्त करने की सरकार की कोशिशों को उस समय झटका लगा, जब कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयकों पर सहयोग देने की अपील को शर्तों के साथ ठुकरा दिया। सूत्रों के अनुसार, संसद भवन में दोनों नेताओं के बीच करीब 50 मिनट तक बैठक हुई, जिसमें सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने और लंबित विधेयकों पर चर्चा हुई।
सूत्रों के मुताबिक, किरेन रिजिजू ने कांग्रेस से परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण विधेयक पर सहयोग देने का आग्रह किया। हालांकि राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि जब तक विपक्ष की प्रमुख मांगों पर सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं होती, तब तक किसी भी विधायी कार्य में सहयोग संभव नहीं होगा।
बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष की प्राथमिकता उन मुद्दों पर चर्चा कराना है, जिनके कारण संसद की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। उन्होंने राम मंदिर चंदा मामले और 20 जुलाई के छात्र प्रदर्शन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग दोहराई। उनका कहना था कि इन विषयों पर चर्चा से पहले अन्य विधेयकों को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।
बैठक के बाद किरेन रिजिजू ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर संसद में जारी गतिरोध पर चर्चा की। सरकार का प्रयास है कि विपक्ष के साथ सहमति बनाकर सदन की सामान्य कार्यवाही बहाल की जाए, जबकि विपक्ष अपने रुख पर कायम है।
गौरतलब है कि मानसून सत्र की शुरुआत से ही लोकसभा और राज्यसभा में लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही प्रभावित हो रही है। प्रश्नकाल भी कई बार बाधित हुआ है और सरकार तथा विपक्ष के बीच गतिरोध समाप्त करने के लिए लगातार संवाद जारी है। हालांकि, फिलहाल किसी ठोस समाधान के संकेत नहीं मिले हैं।





