नैनीताल। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान अनियमितताओं और लापरवाही की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने नैनीताल मंडल के आयुक्त और स्थानीय विधायक को नोटिस जारी किया है। आयोग ने दोनों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है। मामले को निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता से जोड़कर देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान निर्वाचन अधिकारियों के कार्य में हस्तक्षेप और सार्वजनिक मंचों पर दिए गए कुछ बयानों को लेकर शिकायतें आयोग तक पहुंची थीं। प्रारंभिक जांच के बाद आयोग ने इसे गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधि से स्पष्टीकरण मांगा है।
चुनाव आयोग ने अपने नोटिस में कहा है कि निर्वाचन प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रहनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ निर्वाचन कानूनों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उधर, प्रशासन का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कराया जा रहा है। सभी शिकायतों की जांच की जा रही है और आयोग को आवश्यक तथ्य उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं, संबंधित पक्षों ने भी नोटिस मिलने के बाद अपना जवाब आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने की बात कही है।
गौरतलब है कि राज्य में आगामी चुनावों को देखते हुए मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने तथा त्रुटियों के सुधार का कार्य किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने सभी अधिकारियों को पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।





