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दोस्ती के बहाने दरिंदगी, 15 साल की किशोरी ने दिया बच्चे को जन्म

पेट दर्द के बाद खुला नाबालिग से दुष्कर्म का राज; पॉक्सो एक्ट में आरोपी जेल भेजा, महिला चिकित्सकों की निगरानी में हुआ सुरक्षित प्रसव

हल्द्वानी। दोस्ती के बहाने नाबालिग को अपने जाल में फंसाने और फिर उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आने के बाद अब 15 वर्षीय किशोरी ने एक बच्चे को जन्म दिया है। बनभूलपुरा थाना क्षेत्र के इस संवेदनशील मामले का खुलासा जून में उस समय हुआ था, जब अचानक पेट दर्द उठने पर परिजन किशोरी को सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच में गर्भावस्था का पता चलने पर चिकित्सकों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

पेट दर्द ने खोला दरिंदगी का राज

जानकारी के अनुसार, पड़ोस में रहने वाले युवक ने पहले किशोरी से दोस्ती की। आरोप है कि इसके बाद उसने बहला-फुसलाकर नाबालिग के साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। जून में पेट दर्द की शिकायत के बाद परिजन उसे सरकारी अस्पताल ले गए। चिकित्सकीय जांच में किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि हुई। अस्पताल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों को विश्वास में लिया और पुलिस को सूचना दी।

पॉक्सो में मुकदमा, आरोपी पहुंचा जेल

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। नाबालिग के गर्भवती होने के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां किशोरी की उम्र और गर्भावस्था से जुड़े चिकित्सकीय जोखिमों पर विचार किया गया।

महिला चिकित्सकों की निगरानी में सुरक्षित प्रसव

न्यायालय के निर्देशों और चिकित्सकीय परामर्श के बाद किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हाई रिस्क डिलीवरी को देखते हुए महिला चिकित्सकों की विशेष निगरानी में उसका सुरक्षित प्रसव कराया गया। किशोरी ने एक बच्चे को जन्म दिया है। अस्पताल के अनुसार, फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। मेडिकल टीम दोनों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है।

डीएनए जांच से मजबूत होंगे साक्ष्य

मामले में पुलिस आरोपी के खिलाफ अदालती साक्ष्यों को मजबूत करने के लिए नवजात के डीएनए परीक्षण की अनुमति लेने की तैयारी कर रही है। न्यायालय के निर्देश के बाद चिकित्सकों का विशेष पैनल नवजात का डीएनए नमूना ले सकता है, जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा। डीएनए रिपोर्ट मामले की विवेचना और न्यायालयीन कार्रवाई में महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकती है।

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