नैनीताल, 2 सितंबर। नैनीताल जिले में पिछले 24 घंटे से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बुधवार सुबह 9:30 बजे की रिपोर्ट के अनुसार जिले में औसतन 85.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। नैनीताल तहसील में सबसे अधिक 217 मिमी और हल्द्वानी में 166 मिमी बारिश हुई।
बारिश और भूस्खलन के कारण जिले में 47 सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें एक राज्य मार्ग, एक अन्य जिला मार्ग, तीन मुख्य जिला मार्ग और 42 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। ज्योलीकोट-बेलुवाखान-भवाली, हल्द्वानी-चोरगलिया, चोरखेत-पतलोट, दाड़िमा-भटकोट और रामनगर-रानीखेत समेत कई मार्ग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग बंद सड़कों को खोलने के लिए जुटे हुए हैं।
भारी बारिश के चलते कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।
आपदा के कारण जिले में एक व्यक्ति की मौत और चार लोग घायल हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है। बारिश और भूस्खलन से 54 भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा एक भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। दो पशु भवन और तीन गोशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है।
पिथौरागढ़ में भी संपर्क बाधित
भारी बारिश का असर कुमाऊं के अन्य जिलों में भी देखने को मिला। पिथौरागढ़ में चीन सीमा को जोड़ने वाले तवाघाट-गुंजी और धारचूला-तवाघाट हाईवे बंद हैं। इससे दारमा, चौदास और व्यास घाटियों का संपर्क प्रभावित हुआ है। जिले में 19 ग्रामीण सड़कें भी बंद होने से बड़ी आबादी परेशान है।
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को बंद मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।





