नई दिल्ली। देश में अवैध घुसपैठ और असामान्य जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने इस मुद्दे से निपटने के लिए हाई लेवल कमेटी गठित करने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव देश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और जनजातीय समाज के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर की अध्यक्षता में गठित यह समिति देशभर में अवैध घुसपैठ और अन्य कारणों से हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का वैज्ञानिक अध्ययन करेगी। समिति धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर जनसंख्या बदलाव के पैटर्न का विश्लेषण कर सरकार को समयबद्ध समाधान सुझाएगी।
समिति में पूर्व आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव, अर्थशास्त्री डॉ. शामिका रवि और जनगणना आयुक्त को सदस्य बनाया गया है। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (फॉरेनर्स-1) समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति को अपनी रिपोर्ट एक वर्ष के भीतर सौंपनी होगी।
अमित शाह ने कहा कि “अवैध घुसपैठ और अन्य कारणों से होने वाला अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय परिवर्तन देश के वर्तमान और भविष्य दोनों के लिए बड़ी चुनौती है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को ‘हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन’ की घोषणा की थी, जिसके तहत अब यह समिति बनाई गई है।
सरकार के अनुसार समिति नीति, कानून और प्रशासनिक स्तर पर ऐसे उपाय सुझाएगी, जिनसे अवैध घुसपैठ पर रोक लगाई जा सके और प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक संतुलन बनाए रखा जा सके।






