हल्द्वानी। उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को प्रस्तावित हाईकोर्ट परिसर के लिए 26 हेक्टेयर भूमि छह सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने और भूमि हस्तांतरण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट किया कि नए हाईकोर्ट परिसर के निर्माण में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। अदालत ने राज्य सरकार को निर्धारित समयसीमा के भीतर भूमि संबंधी सभी लंबित प्रक्रियाएं पूरी कर निर्माण कार्य का रास्ता साफ करने को कहा है।
उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से गौलापार स्थानांतरित करने की योजना पर लंबे समय से काम चल रहा है। प्रस्तावित परिसर में आधुनिक न्यायिक ढांचा, बेहतर आधारभूत सुविधाएं और विस्तृत परिसर विकसित किए जाने की योजना है।
माना जा रहा है कि हाईकोर्ट के गौलापार स्थानांतरित होने से नैनीताल शहर में बढ़ते यातायात दबाव, पार्किंग की समस्या और प्रशासनिक चुनौतियों में भी काफी राहत मिलेगी। वहीं हल्द्वानी-गौलापार क्षेत्र न्यायिक गतिविधियों का नया केंद्र बनकर उभरेगा।





