काबुल। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक शिक्षा केंद्र में हुए विस्फोट से कम से कम 42 बच्चे घायल हो गए। संयुक्त राष्ट्र के अफगानिस्तान सहायता मिशन (UNAMA) ने मंगलवार को घटना की पुष्टि करते हुए विस्फोट की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
यह विस्फोट सोमवार को काबुल के पश्चिमी इलाके दश्त-ए-बरची में हुआ। यह क्षेत्र मुख्य रूप से हजारा और शिया समुदाय की आबादी वाला है और अतीत में भी कई हिंसक हमलों का निशाना रहा है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार घायल बच्चों की उम्र 9 से 14 वर्ष के बीच है।
विस्फोट के कारण को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। UNAMA ने कहा है कि घटना की परिस्थितियों की पुष्टि नहीं हो सकी है और शुरुआती रिपोर्टों में विस्फोट को हमले या पहले से मौजूद विस्फोटक सामग्री से जोड़कर देखा जा रहा है। अफगानिस्तान के खदान कार्रवाई समन्वय निदेशालय के अनुसार, घटनास्थल पर जांच के दौरान ग्रेनेड विस्फोट की बात सामने आई है।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, विस्फोट उस समय हुआ जब बच्चे कक्षाएं समाप्त होने के बाद बाहर निकल रहे थे। कई घायल बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया। एक अस्पताल में कम से कम 35 घायल छात्रों का उपचार किया गया, जिनमें कुछ बच्चों को छर्रे लगने से गंभीर चोटें आईं।
दश्त-ए-बरची में शिक्षा संस्थानों को पहले भी निशाना बनाया जा चुका है। वर्ष 2021 में यहां एक स्कूल के बाहर हुए बम विस्फोट में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। 2022 में भी एक शिक्षण केंद्र में विस्फोट हुआ था। क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकियों द्वारा शिया समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं।
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने बच्चों तथा शिक्षा केंद्रों को हिंसा से सुरक्षित रखने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत रिचर्ड बेनेट ने घटना की निंदा करते हुए इसे बेहद गंभीर हमला बताया और पूरी जांच की मांग की है।





