नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए जैक डोर्सी से जुड़े मैसेजिंग ऐप Bitchat को भारत में ऐप स्टोर से हटाने का कारण बताया है। सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ऐप की तकनीक ऐसी है, जिससे सामान्य इंटरनेट नेटवर्क के बिना भी लोगों के बीच संचार संभव हो जाता है। इससे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता पैदा हुई।
Bitchat एक विकेंद्रीकृत मैसेजिंग ऐप है, जो ब्लूटूथ आधारित मेश नेटवर्क के जरिए आसपास मौजूद उपकरणों के बीच संदेश भेजने की सुविधा देता है। इसके लिए मोबाइल नेटवर्क, वाई-फाई या किसी केंद्रीय सर्वर पर निर्भरता जरूरी नहीं होती। कई डिवाइस आपस में जुड़कर संदेशों को आगे बढ़ा सकते हैं।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ऐप की यह तकनीक ऐसे समय में चुनौती बन सकती है, जब किसी क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया गया हो। सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है और ऐसे तकनीकी माध्यमों के संभावित दुरुपयोग को लेकर सावधानी जरूरी है।
MeitY के निर्देश पर हटाया गया ऐप
इससे पहले जैक डोर्सी ने सोशल मीडिया पर Apple की ओर से भेजे गए नोटिस का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा था कि भारत सरकार ने Bitchat को ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश दिया है। Apple के नोटिस में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की मांग का उल्लेख किया गया था। कार्रवाई के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A का हवाला दिया गया।
हालांकि, उपलब्ध नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ऐप में किस विशेष सामग्री को भारत के कानून के तहत अवैध माना गया। भारत में Apple App Store से हटाए जाने के बाद Bitchat की उपलब्धता अन्य प्लेटफॉर्म पर भी प्रभावित हुई।
सरकार की कार्रवाई ने एक बार फिर डिजिटल संचार, ऑनलाइन सुरक्षा, निजता और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन को लेकर बहस को तेज कर दिया है।





