देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा, रोजगार और उत्तराखंड के विकास से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछे और अपने सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रखे।
संवाद के दौरान हरिद्वार की कक्षा 11वीं की छात्रा लवप्रीत कौर ने ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ी समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई का चलन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कई आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपने बच्चों के लिए स्मार्टफोन या लैपटॉप खरीदने में सक्षम नहीं हैं। छात्रा ने पूछा कि ऐसे विद्यार्थियों की मदद के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी।
छात्रा के सवाल पर मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम के दौरान ही महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है।
2.67 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने दिए सुझाव
‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान के तहत प्रदेश के 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों से सुझाव मांगे गए थे। सरकार के अनुसार करीब 3.11 लाख विद्यार्थियों को इस अभियान से जोड़ा गया, जबकि 2,67,744 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से अपने विचार और सुझाव भेजे। इनमें से 140 विद्यार्थियों का चयन मुख्यमंत्री के साथ सीधे संवाद के लिए किया गया था।
इन चयनित विद्यार्थियों को 12वीं के बाद करियर कोचिंग के लिए दो लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति देने की भी घोषणा की गई थी। कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पलायन, पर्यटन, आईटी और पर्यावरण समेत विभिन्न विषयों पर युवाओं ने अपने विचार साझा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ इस तरह का सीधा संवाद उनकी अपेक्षाओं और सुझावों को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।





