Top 5 This Week

Related Posts

MBBS के बाद डॉक्टरों को गांवों में करनी पड़ सकती है अनिवार्य सेवा, सुप्रीम कोर्ट ने NMC को दिया विचार करने का निर्देश

नई दिल्ली। देश के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए डॉक्टरों की अनिवार्य ग्रामीण सेवा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को निर्देश दिया कि वह एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले डॉक्टरों के लिए अनिवार्य ग्रामीण सेवा लागू करने की संभावना पर विचार करे।

न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 दिसंबर की तारीख निर्धारित की है।

कर्नाटक के कानून से जुड़ा है मामला

यह मामला कर्नाटक के कुछ मेडिकल छात्रों की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता एक डीम्ड विश्वविद्यालय की निजी सीटों पर एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्र हैं। उन्होंने अदालत से मांग की है कि राज्य का स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवा आयुक्त उन्हें अनिवार्य ग्रामीण सेवा का शपथपत्र देने के लिए मजबूर किए बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करे।

कर्नाटक में वर्ष 2012 के अनिवार्य सेवा प्रशिक्षण कानून और 2015 के नियमों के तहत सरकारी संस्थानों या निजी संस्थानों की सरकारी सीटों से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को एक साल की अनिवार्य ग्रामीण सेवा करनी होती है। इसके बाद ही उन्हें स्थायी मेडिकल पंजीकरण के लिए जरूरी एनओसी मिलता है।

28 जुलाई 2023 की अधिसूचना के जरिए यह व्यवस्था निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों की निजी सीटों पर पढ़ने वाले विद्यार्थियों तक भी विस्तारित कर दी गई थी। इसी फैसले को छात्रों ने चुनौती दी है।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा था कि ग्रामीण आबादी तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। अदालत ने केंद्र से राष्ट्रीय स्तर पर एक समान नीति बनाने की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा था।

सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और अलग-अलग राज्यों में डॉक्टरों के लिए अनिवार्य सेवा से जुड़े नियम अलग-अलग हैं।

अदालत का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना देश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। अब एनएमसी इस मुद्दे की जांच करेगा और अगली सुनवाई में मामले पर आगे विचार किया जाएगा।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अभी देशभर में अनिवार्य ग्रामीण सेवा लागू करने का अंतिम आदेश नहीं दिया है।

Popular Articles