देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा की। बैठक में संगठन को मजबूत करने, नेताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और जनता के बीच पार्टी की सक्रियता तेज करने पर जोर दिया गया।
बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया गया। कांग्रेस नेतृत्व का लक्ष्य प्रदेश में पार्टी को एकजुट कर भाजपा सरकार के खिलाफ मुद्दों को मजबूती से उठाना है।
राहुल और प्रियंका की जनसभाओं की तैयारी
कांग्रेस उत्तराखंड में अपने राष्ट्रीय नेताओं की जनसभाओं के माध्यम से चुनावी माहौल बनाने की तैयारी कर रही है। राहुल गांधी की पिथौरागढ़ जिले के धारचूला और प्रियंका गांधी वाड्रा की पौड़ी में जनसभा प्रस्तावित है। इन कार्यक्रमों की तारीखों को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा की गई है।
पार्टी इन जनसभाओं के माध्यम से बेरोजगारी, पलायन, महंगाई, महिला सुरक्षा, भूमि कानून और मूल निवास जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा भी कांग्रेस के चुनावी अभियान का हिस्सा रहने की संभावना है।
2027 के चुनाव पर नजर
कांग्रेस का प्रयास है कि विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संगठन को सक्रिय किया जाए। पार्टी नेताओं को आपसी मतभेद दूर कर एकजुट होकर काम करने और जनता के बीच लगातार संवाद बनाए रखने का संदेश दिया गया है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व की बढ़ती सक्रियता को उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी राष्ट्रीय नेताओं के दौरों और स्थानीय मुद्दों के जरिए प्रदेश में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है।





